हिंदी और हिंग्लिश, ढंग से
हिंदी ज़्यादातर टूल कर लेते हैं. हिंदी जैसे असल में बोली जाती है, वो कम.
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असली बातचीत बीच वाक्य में भाषा बदलती है. हिंदी का वाक्य जिसमें तीन अंग्रेज़ी शब्द हों, क्योंकि लोग ऐसे ही बोलते हैं. जो टूल डिक्टेशन को एक तय भाषा मानते हैं, वो एक चुन लेते हैं और बाकी बिगाड़ देते हैं.
Go Echoo यह चुनाव थोपता नहीं. ऑटो-डिटेक्ट वही पढ़ता है जो आपने असल में कहा. हिंग्लिश वाक्य हिंग्लिश ही रहता है.
27 भाषाएँ चुनने को हैं, साथ में ऑटो-डिटेक्ट: अंग्रेज़ी, हिंदी, Hinglish, मैंडरिन चीनी, स्पेनिश, अरबी, फ़्रेंच, पुर्तगाली, जर्मन, जापानी, रूसी, उर्दू, बंगाली, इंडोनेशियाई, कोरियाई, तुर्की, इतालवी, वियतनामी, डच, पोलिश, मराठी, तमिल, तेलुगु, गुजराती, कन्नड़, मलयालम और पंजाबी.
ब्योरा
- 27 भाषाएँ, साथ में ऑटो-डिटेक्ट
- एक ही वाक्य में भाषा बदलना चलता है
- चाहें तो भाषा तय कर दीजिए